Happy Shayari – न खुद रहो उदास, न अपनों को रहने दों।

 

Happy Shayari

Happy Shayari

जीवन की किताबों पर बेशक कवर चढ़ाइये, पर
बिखरे पन्नों को पहले अपनेपन से चिपकाइये,
यही तो अंदाज़ है जिंदगी को जीने का
न खुद रहो उदास, न अपनों को रहने दों।

Jivan ki kitabo par beshak kavar chdhaiye,
par bikhre panno ko pahle apnepan se chipkaiye,
yahi to andaj hai jindagi ko jina ka
na khud rho udas, na apno ko rahne do.

जरूरत से ज्यादा मिले उसको कहते हैं नसीब
सब कुछ है फिर भी रोता है उसे कहते हैं बदनसीब
और जिंदगी में थोड़ा कम पाकर भी
हमेशा खुश रहता है उसको कहते हैं खुशनसीब.

ज्यादा मत सोचो, बस वही करें
जिससे आपको खुशी मिले…

खुशी आपके एटीट्यूड पर निर्भर करती है
आपके पास क्या है उस पर नहीं …

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