जो हमारे फीलिंगस को समझ पता है

 jo parivar ke bad hamare feelings ko samaj pata hai.
vo sirf ek acha or sacha dost hota hai.

 जो परिवार के बाद हमारे फीलिंगस  को समझ पता है
वो सिर्फ एक अच्छा और सच्छा दोस्त होता है

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