कभी-कभी गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल देती है

 lagatar ho rhi asafaltao se nirash nhi hona chahiye, kyoki
kbhi kbhi guchche ki akhari chabi bhi tala khol deti hai.
लगातार हो रही असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि
कभी-कभी गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल देती है

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